|
संस्कृत, अरबी और फारसी भाषाओं के विद्वानों को सम्मानित
करने के लिए वर्ष 1958 में सम्मान पत्र देने की योजना आरंभ की गई। वर्ष 1996
में पाली/प्राकृत भाषा को शामिल करने के लिए योजना का विस्तार किया गया। 60
वर्ष की आयु से अधिक विभिन्न प्रख्यात विद्वानों के संस्कृत, अरबी, फारसी
अथवा पाली/प्राकृत में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता
दिवस के अवसर पर यह सम्मान दिया जाता है। इस योजना में महामहिम राष्ट्रपति
द्वारा सम्मान प्राप्तकर्ता को एक सनद और एक शाल देने के अतिरिक्त
जीवनपर्यंत 50,000/- रूपए प्रतिवर्ष का वित्तीय अनुदान देने की परिकल्पना
की गई है। इस योजना के अंतर्गत संस्कृत के लिए 15 पुरस्कार, अरबी और फारसी
प्रत्येक के लिए 3 और पाली/प्राकृत के लिए 1 पुरस्कार है।
2. प्रस्तावों की संवीक्षा और पुरस्कारों के लिए सिफारिश करने हेतु मानव
संसाधन विकास मंत्री के अनुमोदन से एक चयन समिति गठित की गई है। 3.वर्तमान
में 342 पुरस्कार प्राप्तकर्ता जीवित हैं और अनुदान प्राप्त कर रहे हैं।
समिति का कार्यकाल जुलाई 2010 तक है।
पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की सूची (2001)
पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की सूची (2002)
पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की सूची (2003)
पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की सूची (2004)
पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की सूची (2005)
|