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सामाजिक और नैतिक मूल्यों के संवर्धन द्वारा राष्ट्रीय
शिक्षा नीति मूल्यपरक शिक्षा पर बल देती है। नीति में कहा गया है कि हमारे
संस्कृति बहुल समाज में शिक्षा सर्वसुलभ और शाश्वत मूल्यों को प्रोत्साहन
देती है। ऐसी मूल्यपरक शिक्षा रूढिवाद, धार्मिक कट्टरपंथी, हिंसा, अंधविश्वास
और भाग्यवाद को समाप्त करने में सहायता प्रदान करेगी।
2.इन सभी लक्ष्यों के मध्य वर्ष 1987-88 में शिक्षा में संस्कृति/आर्ट/मूल्यों
के सुदृढीकरण की सहायता हेतु और नवाचारी कार्यक्रम कार्यान्वित करने वाली
सहायक शैक्षणिक संस्थाओं की योजना केन्द्र सेक्टर में प्रतिपादित की गई।
कार्यदल की सिफारिश पर स्कूल प्रणाली के साथ अनौपचारिक सेक्टर में शिक्षा
में सांस्कृतिक और मूल्यपरक इनपुट के सुदृढीकरण की प्रक्रिया के विस्तार
हेतु योजना को वर्ष 1992 में पुन: प्रतिपादित किया गया। 10वीं योजना में
शिक्षा के सभी स्तरों अर्थात् प्री-प्राइमरी से उच्चतर शिक्षा सहित तकनीकी
और प्रबंध शिक्षा की संपूर्ण शैक्षिक प्रक्रिया में मानव मूल्य इनपुट के
सुदृढीकरण के लक्ष्य सहित ''मानवीय मूल्यों में शिक्षा के सुदृढीकरण की
सहायता योजना'' के नए नाम से योजना का फिर से संशोधन किया गया। अनुदान की उच्चतम
सीमा को भी 5.00 लाख रूपए से बढाकर 10.00 लाख रूपए कर दिया गया है।
3.योजना के अंतर्गत सरकारी एजेन्सियों, शैक्षिक संस्थाओं, पंचायती राज संस्थाओं,
पंजीकृत सोसायटियों, पब्लिक ट्रस्टों और लाभ न कमाने वाली कम्पनियों को
परियोजनाओं हेतु योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। योजना
के कार्यक्षेत्र में गैर-सरकारी संगठनों को परियाजनाएं संस्वीकृत की जाती
हैं और वित्तीय परिव्यय प्रदान किया जाता है। शिक्षा में संस्कृति और मूल्यों
के सुदृढीकरण से संबंधित कार्यों के लिए अनुदान सहायता समिति द्वारा अनुमोदित
10.00 लाख रूपए की उच्चतम सीमा के भीतर परियोजना की 100 प्रतिशत लागत तक वित्तीय
सहायता प्रदान की जाएगी। पंजीकृत संगठनों को विभिन्न उद्देश्यों हेतु
अनुदान दिया जाता है जैसे अध्यापन और शिक्षण सामग्रियों का विकास, श्रवण-दृश्य
सहायक, शिक्षकों का प्रशिक्षण, अभिभावकों/समुदाय/छात्रों/शिक्षकों के लिए
कांफ्रेंस, कार्यशाला, सेमीनार, सृजनात्मक कार्य, छात्र थिएटर, भारत के
संविधान में दिए गए सत्य, शांति, प्रेम, सही आचरण, अहिंसा जैसे सार्वभौमिक
मूल्यों के प्रोत्साहन हेतु संग्रहालय, कार्नर आदि की स्थापना। गैर-सरकारी
संगठनों को अनुदान देने के अतिरिक्त इस योजना का लक्ष्य शिक्षा प्रणाली के
सभी स्तरों तक पाठ्यक्रम में मानव और सांस्कृतिक मूल्य घटकों को समाविष्ट
करना भी है।
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