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प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में केंद्रीय संस्थाएं
 

प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में केंद्रीय संस्थाएं

 
 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थाएं (IITs)

इंजीनियरी शिक्षा और अनुसंधान के लिए ये शीर्ष संस्थाएं हैं: सम्प्रति, मुम्बई, दिल्ली, कानपुर, खड़गपुर, मद्रास, गुवाहाटी और रूड़की में सात भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) हैं। इन्हें प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 द्वारा शासित किया जाता है जिसकी स्थापना ''राष्ट्रीय महत्व की संस्थाओं'' के रूप में की गई है और इस अधिनियम में इसकी शक्तियां,  कत्तव्यों, अभिशासन संरचना निर्धारित की गई है इनका मुख्य उद्देश्‍य है : इंजीनियरी और प्रौद्योगिकी में विश्‍व स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करना, संगत क्षेत्र अनुसंधान करना तथा अध्ययन में उन्नति और ज्ञान का प्रसार करना। ये संस्थान मूल विज्ञानों और मानविकी में शिक्षा और अनुसंधान में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

 

प्रत्येक संस्थान ने भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और समाज विज्ञान के बेहतर विभाग स्थापित किए गए हैं जो इंजीनियरी और प्रौद्योगिकी विभागों के साथ तालमेल करते हैं। इन संस्थानों में अवर स्नातक स्तर पर विद्यार्थी नामांकन 1250 तक सीमित रखा गया है और अवर स्नातक पाठयक्रमों की तरह ही स्नातकोत्‍तर स्तर पर इस व्यवस्था को बनाए रखा गया है। ये संस्थान समेकन और विकास के विभिन्न चरणों में है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी की राष्ट्रीय योजना के भाग के रूप में पांच उच्च अध्ययन और अनुसंधान केन्द्र ऊर्जा अध्ययन (दिल्ली), पदार्थ विज्ञान(कानपुर) प्रायोजनिक इंजीनियरी(खड़गपुर), महासागर इंजीनियरी (मद्रास) और संसाधन इंजीनियरी(बम्बई) स्थापित किए गए हैं।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंजीनियरी और प्रौद्योगिकी की विभिन्न शाखाओं में अवर स्नातक कार्यक्रम, विशिष्‍टता के साथ स्नातकोत्तर कार्यक्रम तथा विभिन्न इंजीनियरी क्षेत्रों में पी.एच-डी. कार्यक्रम प्रदान करते हैं और बेसिक, एप्लाईड तथा प्रायोजित अनुसंधान का संचालन करते हैं। इस समय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बी.टेक, एमएससी, एम डिजाइन, एम फिल, एम टैक तथा पी.एच-डी. डिग्रियाँ प्रदान करते हैं। ये संस्थान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षण और अनुसंधान को गुणवत्ता प्रदान कर रहे हैं। संस्थान उद्योग की उभरती हुई आवश्‍यकता के अनुसार पाठयक्रम का सदैव मूल्यांकन तथा सुधार कर रहे हैं। संस्थान गुणवत्ता सुधार कार्यक्रमों के माध्यम से अन्य इंजीनियरी कॉलेजों की संकाय की जानकारी को अद्यतन करने में योगदान देते हैं। अर्ली फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत मेजबान संस्थानों के तौर पर, संस्थान संबंधित क्षेत्रों की तकनीकी आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए केन्द्र का काम करते हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दे की तकनीकी-आर्थिक क्षमता तथा स्व-निर्भर प्रौद्योगिकी को बढ़ाने में प्रभावी रहे हैं। संस्थान ने अपने शैक्षणिक कार्यकलापों तथा अनुसंधान कार्यक्रमों की सर्वोत्तमता के माध्यम से स्वयं को विशिष्‍टता प्रदान की है।

सात विद्यमान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के अतिरिक्त सरकार के पास 11वीं योजना के दौरान 8 नए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव है। ये संस्थान आन्ध्र प्रदे, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा, पंजाब, गुजरात और मध्य प्रदेश में स्थापित किए जाएंगे।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में अवर स्नातक कार्यक्रमों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-संयुक्त दाखिला परीक्षा (आईआईटी-जेईई) के आधार पर और स्नातकोत्तर कार्यक्रम में इंजीनियरी में ग्रेजुएट एप्‍टीटयूड टैस्ट (गैट) के माध्यम से छात्रों को दाखिला दिया जाता है।

 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर

  • 2100 एकड़ में हरियाली परिसर में फैले हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर की स्थापना 1951 में की गई थी। संस्थान में प्रयोगशालाओं तथा केन्द्रीय अनुसंधान सुविधाओं के साथ 19 शैक्षणिक विभाग, 11 बहु-वियक केन्द्र तथा स्कूल और कुछ सर्वोत्तम अनुसंधान तथा विकास एकक हैं।

  • (www.iitkgp.ernet.in)

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुम्बई

  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुम्बई की स्थापना तत्कालीन सोवियत रूस सरकार के सहयोग और भागीदारी से यूनेस्क के तकनीकी सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 1958 में की गई थी।

  • सतत शिक्षा कार्यक्रम अपने नए भर्ती व्यक्तियों के लिए तैयार कार्यक्रम का संचालन करके उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

  • संस्थान का दूरस्थ इंजीनियरी शिक्षा कार्यक्रम दे के भीतर तथा विदे में उद्योगों में छात्रों, कालेज शिक्षकों तथा कार्यकारी व्यावसायिकों को गुणवत्ता वाली इंजीनियरी शिक्षा प्रदान करता है।  (www.iitb.ac.in)

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास

  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास की स्थापना 1959 में की गई थी। संस्थान सभी 16 विभागों में कोर्स आधारित कार्यक्रम प्रदान कर रहा है और बायो-टेक्नोलॉजी कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में इस समय यूजर ओरियटंड एम.टेक कार्यक्रम प्रदान किए जा रहे हैं। पेवमेंट इंजीनियरी में यूजर ओरियंटड कार्यक्रमों में बॉर्डर रोड ऑरगनाइजेन का सहयोग है और समुद्र प्रौद्योगिकी तथा प्रबंधन राष्‍ट्री समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा प्रायोजित है। अपने इंजीनियरी डिजाईन में बी.टेक तथा ऑटोमोटिव इंजीनियरी में एम0 टेक0 विशिष्‍टता के साथ एक नए दोहरी-डिग्री कार्यक्रम का आरंभ किया है।

  • पेडो-पॉवर ग्राफ का आरंभ तथा सुंदरम मेडिकल फाऊंडेन एंड ब्रेकस इंडिया लिमिटेड के सहयोग से आईआईटीएम द्वारा एक डायबिटिक फूटवियर का निर्माण एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।

  • उद्योगों में कार्यकारी व्यावसायिकों तथा अन्य तकनीकी संस्थाओं में संकाय सदस्यों के लाभ के लिए कार्यकलापों की प्रोन्नति में सतत शिक्षा के लिए केन्द्र पर्याप्त क्रियाशील रहा है। (www.iitm.ac.in)

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर

  • इस संस्थान की स्थापना 1960 में की गई थी और इसका 1100 एकड़ का परिसर है। यह संस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी की विभिन्न विधाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर और डाक्टरल डिग्रियां प्रदान करता है। यह संस्थान विश्व-व्यापी आधार पर प्रतिभाशाली संकाय को भर्ती करने और सावधानीपूर्वक चयन प्रक्रिया (जे.ई.ई./जी.ए.टी.ई./जे.एम.ई.टी./जे.एम.) द्वारा पूरे देश में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को दाखिल करने के प्रयास करता रहा है। इसका सर्वोत्तम वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी पुस्तकालय है जिसके लान में आन लाइन सूचना प्राप्त करने की व्यवस्था है।

  • पिछले वर्ष संस्थान ने अवरस्नातक छात्र अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए ''समर अंडरग्रेजुएट रिसर्च प्रोग्राम'' आरंभ किया। (www.iitk.ac.in)

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली

  • वर्ष 1961 में कालेज ऑफ इंजीनियरिंग के रूप में स्थापित इस संस्थान को ''प्रौद्योगिकी संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 1960'' के अंतर्गत राष्‍ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया और वर्ष 1963 में इसे ''भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली'' के रूप में पुन: नामित किया गया।

  • संस्थान अवर स्नातक तथा स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर विज्ञान तथा इंजीनियरी वियों में अनेक शैक्षणिक कार्यक्रम प्रदान करता है।

  • संस्थान एक ''स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंस'' की स्थापना के लिए प्रयास कर रहा है। इसका उद्देश्‍य बायोलॉजिकल साइंस के विभिन्न चरणों पर उद्योग के साथ मेल-जोल रखने तथा नए शैक्षणिक कार्यक्रमों को आरंभ करने के साथ-साथ आधुनिक जीव-विज्ञान में कटिंग एंड अनुसंधान को आरंभ तथा प्रोन्नत करना है।

  • केन्द्रीय पुस्तकालय के पास बड़ी संख्या में पुस्तकें तथा पत्रिकाएं हैं।

  • शिक्षण तथा अनुसंधान में परस्पर सहयोग की सुविधा के लिए संस्थान के पास फाइल पर 38 राष्‍ट्री तथा 55 अंतर्राष्‍ट्री संस्थानों तथा आर एंड डी संगठनों के समझौता ज्ञापन है (www.iitd.ac.in)

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गुवाहटी

  • प्रौद्योगिकी संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 1994 के अंतर्गत 1 सितम्बर, 1994 को स्थापित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी, ब्रहमपुत्र नदी के उत्तरी किनारे पर 285 हेक्टेयर हरे भरे दर्शनीय स्थल पर स्थित है।

  • संस्थान के कैमिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर साइंस तथा इंजीनियरिंग, इलैक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेन इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ये सभी बी. टैक, एम.टैक तथा पी.एच.डी.) कार्यक्रम हैं)। जैव-प्रौद्योगिकी (बी.टेक. और पी.एच.डी. कार्यक्रम संचालित करने वाले), रसायन, गणित और भौतिकी (बी.टेक, एम.एससी. और पीएच.डी. कार्यक्रम संचालित  करने वाले) और मानविकी और समाज विज्ञान (पी.एच.डी. कार्यक्रम संचालित करने वाले) 11 शैक्षिक विभाग हैं। संस्थान के तीन अन्तर-विषयक शैक्षिक केन्द्र अर्थात ऊर्जा, पर्यावरण तथा नैनो प्रौद्योगिकी (पी.एच.डी. कार्यक्रम संचालित करने वाले) हैं। संस्थान के चार सेवा केन्द्र अर्थात कम्प्यूटर और संचार केन्द्र, केन्द्रीय उपकरण सुविधा, शैक्षिक प्रौद्योगिकी केन्द्र और जन संचार केन्द्र भी हैं।

  • जुलाई, 2007 से डिजाईन विभाग में भी एक मास्टर कार्यक्रम आरंभ किया गया। इसके अतिरिक्त संस्थान ने रसायन शास्त्र में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एमएस कार्यक्रम को रसायन विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के चार वर्षीय बी.टेक कार्यक्रम में बदल दिया है।

  • संकाय सदस्यों द्वारा पीएच.डी. मास्टर तथा कुछ बी.टेक. छात्रों के सहयोग से अनुसंधान किया जाता हैं। यह स्पष्‍ट है कि संस्थान, 349 पीएच-डी. छात्रों के साथ, आर एंड डी. के क्षेत्र में मुख्य योगदान के लिए तैयार है। सरकारी एजेंसियों द्वारा प्रायोजित आर एंड डी परियोजनाओं के अतिरिक्त संस्थान विभिन्न राज्य सरकारों के विभागों, उत्तर पूर्व रेलवे, नेनल हाइवे रिटी ऑफ इंडिया, तेल तथा गैस क्षेत्र के संगठन, निर्माण तथा आधारभूत सुविधा कंपनियों, पॉवर सेक्टर यूनिट, शैक्षिक संस्थाएं, स्वास्थ्य तथा दवा उद्योग एवं वित्तीय संस्थाओं को परामर्शी सेवाएं प्रदान करता है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की

  • रूड़की विश्‍वविद्यालय को सितम्बर, 2001 में आईआईटी, रूड़की में परिणत किया गया था। संस्थान का मुख्य परिसर रूड़की में (365 एकड़) तथा छोटा परिसर रूड़की से 50 किलोमीटर दूर सहारनपुर (25 एकड़) में हैं।

  • यह संस्थान अपने सभी 18 शैक्षिक विभागों, एक शैक्षिक केन्द्र (एएचईसी) एवं 3 उत्कृष्‍ट केन्द्रों (नैनो टेक्नोलॉजी आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन तथा परिवहन व्यवस्था) में ग्यारह बी. टेक/बी. आर्क का कार्यक्रम, 5 दोहरी डिग्री (बी.टेक + एम.टेक) कार्यक्रम, 57 स्नातकोत्तर कार्यक्रम (एम.टेक/एमबीए/एमसीए/  एमएससी) एवं पीएच-डी. कार्यक्रम संचालित करता है।

  • इन कार्यक्रमों के साथ-साथ दो नए पांच वर्षीय एकीकृत दोहरी डिग्री कार्यक्रम एम.टेक (विद्युत इलेक्ट्रानिक्स) के साथ बी.टेक (इलेक्ट्रीकल), एम.बी.ए. के साथ प्रोसेस इंजीनियरी में बी.टेक कार्यक्रम, मौलिक प्रौद्योगिकी और भू-भौतिकी प्रौद्योगिकी में दो एम.टेक एकीकृत कार्यक्रम तथा अनुप्रयुक्त गणित/भौतिकी/रसायन में पांच वर्षीय तीन एकीकृत पाठयक्रम शैक्षिक सत्र 2007-08 में शुरू किए गए हैं।

  • दो राष्ट्रीय और एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों/संस्थान के साथ नए समझौता ज्ञापन सम्पन्न किए गए हैं और सहयोग के लिए एक बहु-राष्ट्रीय कम्पनी के साथ समझौता ज्ञापन सम्पन्न किया गया है। इन समझौता ज्ञापनों के तहत संस्थान ने वेस्टर्न ओनटेरिया, कनाड विश्वविद्यालय, दलाल स्थिति टेक्सास विश्वविद्यालय, यू.एस.ए. न्यू जर्सी प्रौद्योगिकी संस्थान यू.एस.ए. । राष्ट्रीय विश्वविद्यालय सिंगापुर और जर्मनी विश्वविद्यालयों में एक वर्षीय एम.टेक थीसिस कार्यक्रमों की व्यवस्था की है।  (www.iitr.ac.in)
     

 
 

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प्रख्यान :-

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